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माघ बोंगा बाखेड़ [Magh Bonga Bankhed]


जोहार गोसाई जाहेर एरा !ने एन दो माघ बोंगा ञुतुम ते बाले सिम बाले खो़दे ले ऐमाम कान, चाल आम कान, सुक ते, सांवांर ते आतांग काक् आम । दे एन दो नावां सेरमा नावा नाङ - बो़लोन कान, जोहोन कान - ओना हो सार काक् सागुन काक आम । देस रे दिसोम रे - मातकोम को, सारज़ोम को - गेले कोक्, बाहा कोक् मा । बिर रे, बुरु रे - सावड़ी याले , सागाक् आले - ओड़ाग आले, साकाम आले - काड़मी कुड़ी, गुतरूत् सेता - हांक काको दामान काको आम । पोटो जानुम, काड़के जानुम - लाड़ को लेञ को - तेन काक्, लेन काक् आम । आतो रे, माड़हां रे - रोग़ोक्, बिधिनोक् - आलोम बोलो ओचो, सोड़ो ओचोया । बायरी को बाड़ही को ञेल दाराम काकोवाम् । हेलेन रे, ताहेन रे - नाय गे नापाय गे - सार काक् , सागुन काक् आम । जारगे दाक् जाड़ी दाक् को – होय आगु, चापे आगुयाम । जीवी रे, ज़ाती रे - नावां दाड़े, नांवां रास - चारहे काक्, सारहे काक् आम - जोहार।
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